MP में शिक्षकों के स्वैच्छिक तबादले 19 जून से: 90% ई-अटेंडेंस की शर्त से 95% टीचर्स के बाहर होने का डर, बढ़ा असंतोष

                                       मनचाहे स्थान पर तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए                                                                  स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी

By Anjali raiEdited By: Akash Pandey  Publish Date: Thu, 18 Jun 2026 10:08:36 PM (IST)Updated Date: Thu, 18 Jun 2026 10:08:36 PM (IST)

स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए 19 से 23 जून तक ऑनलाइन आवेदन

HighLights

  1. स्वैच्छिक स्थानांतरण के लिए 19 से 23 जून तक ऑनलाइन आवेदन
  2. 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की शर्त पर शिक्षकों ने जताई नाराजगी
  3. जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को तबादला प्रक्रिया से बाहर रखा गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में मनचाहे स्थान पर तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए स्वैच्छिक स्थानांतरण प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू होगी। विभाग ने आवेदन की तिथि एक दिन बढ़ाते हुए अब 19 जून से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करने का निर्णय लिया है। शिक्षक 23 जून तक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे, जबकि 28 से 30 जून तक स्थानांतरण आदेश जारी किए जाएंगे।

पहले आवेदन प्रक्रिया गुरुवार से शुरू होनी थी, लेकिन रिक्त पदों की सूची समय पर पोर्टल पर अपडेट नहीं होने के कारण तिथि आगे बढ़ा दी गई। हालांकि, नई स्थानांतरण नीति में शामिल शर्तों और नियमों को लेकर प्रदेशभर के शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

ई-अटेंडेंस की शर्त बनी बड़ी बाधा

शासकीय शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल ने दावा किया है कि वर्तमान नियमों के कारण प्रदेश के करीब 95 प्रतिशत शिक्षक आवेदन करने से वंचित रह सकते हैं। उन्होंने बताया कि विभाग ने तबादले के लिए 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है, जो कई शिक्षकों के लिए चुनौती बन गई है।

शिक्षकों का कहना है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण कई बार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाती। ऐसे में तकनीकी कारणों का खामियाजा उन्हें तबादला प्रक्रिया से बाहर होकर भुगतना पड़ रहा है।

जनगणना ड्यूटी वाले शिक्षक भी बाहर

नई नीति के अनुसार जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को भी स्वैच्छिक स्थानांतरण की पात्रता से बाहर रखा गया है। प्रदेश में करीब 80 हजार शिक्षक वर्तमान में जनगणना कार्य में संलग्न हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे शिक्षकों के तबादले नहीं किए जाएंगे। यहां तक कि जिनके प्रशासनिक तबादला आदेश पहले जारी हो चुके हैं, उन्हें भी ड्यूटी अवधि में स्वतः निरस्त माना जाएगा।

नियमों में राहत की मांग

शिक्षक संगठनों ने सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग से ई-अटेंडेंस, जनगणना ड्यूटी तथा न्यूनतम सेवा अवधि जैसी शर्तों में व्यावहारिक छूट देने की मांग की है। उनका कहना है कि पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से वर्षों से तबादले की प्रतीक्षा कर रहे हजारों शिक्षकों को इन नियमों से राहत मिलने के बजाय निराशा हाथ लग रही है।


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